शुक्रवार, 10 मई 2013

भावांजलि - मातृदिवस पर



           
 माँ

माँ ! आपको हम भुला ना पाएंगे कभी

प्यार का एक बड़ा सा महल चिना आपने,

ममता और पीड़ा से घड़ा है हमें आपने, 

अपनी आस्था और विश्वास की दीवारों में

दुनिया की निगाहों से सुरक्षित रखा आपने 

कर्तव्यों की वेदी पर ताज़ा धूप सी मुस्कान लिए ,

हमें रहना है हँसकर, सहना है हँसकर ,

मुसीबतों से निपटना  हँसकर, सिखाया है आपने |

विपत्तियों में  भी हमको हिम्मत का पाठ पढ़ाया,

संस्कारों, ज्ञान की संपत्ति से संपन्न बनाया आपने ,

आपने   हमें  धडकने दींसाँसे   दीं  कितनी,

इसका  नहीं कभी हिसाब लगाया आपने |

छोटी - बड़ी    अपनी   ढेर   सी   बातों  से 

रिश्ते   के  आँचल  को  और भी गाढा  बनाया आपने |

हमारा   वजूद   ओ’  ये    अक्स है आपका ही,

शत शत वंदन माँ ....शत शत वंदन....


माँ ! आपको हम भूल ना पाएंगे कभी .....- 


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