गुरुवार, 18 जुलाई 2019

सत्तर से सात—डिज़्नी वर्ल्ड की सैर





सत्तर से सात— मंजु महिमा

           शीर्षक देख आप चकित होंगे कि यह उलटी गिनती कैसे? (वैसे ठीक ही तो है, अब तो उलटी गिनती गिनने का समय ही आगया है)..हमारे सभी हम-उम्र अपने बचपन को याद करके यही कहते हैं कि बचपन लौट कर नहीं आता...पर यह मेरी खुशनसीबी है कि मैं कह सकती हूँ कि मैंने यहाँ आकर अपने बचपन को लौटा लिया है, अपने सात वर्षीय नाती रोहित के साथ. उसके साथ उसके स्कूल जाना,पार्क में खेलना, जू आदि देखना आदि बचपन की चौखट पर खड़ा कर देता है. इस बार मेरी सत्तरवीं वर्षगांठ को सातवीं वर्षगांठ की तरह मनाया गया. मुझे एत्लान्टा में 'कोकोकोला प्रदर्शनी', 'फिश एक्वेरियम', 'डोल्फिन शो' और फ्लोरिडा के 'डिज्नीवर्ल्ड' , NASA की सैर रवाकर.इसका श्रेय जाता है मेरे नाति रोहितदामाद सौरभ और बेटी वृंदा को
आइए हम जानते हैं पहले डिज़्नी वर्ल्ड के बारे में--
              अमेरिका के एक राज्य फ्लोरिडा में ऑरलैंडो (Orlando) शहर है, जहां डिज़्नी वर्ल्ड करीब 30,500 एकड़ में फैला हुआ है I जिसमें 4 बड़े-बड़े थीम पार्क हैं- मैजिक किंग्डम, EPCOT सेंटर, एनीमल किंगडम, होलीवुड स्टूडियोज
               मैं जानती हूँ कि आजकल के सभी बच्चे कार्टून फिल्मों और उनके पात्रों से भली भाँती परिचित होते हैं, लेकिन डिज़्नी वर्ल्ड में इन्हीं कार्टून फिल्म्समिकी माउस’; 'स्लीपिंग ब्यूटी' , 'लेडी एंड ट्रैम्प' , 'वन हंड्रेड एंड वन डलमेटियन्स' , 'स्नो व्हाइट एंड सेवेन ड्वार्फ्स', 'ऐलिस इन वंडरलैंड' , ' लिटिल मरमेड', 'अलादीन', 'पोकेमॉन गो' आदि मशहूर काल्पनिक कहानियों के पात्रों को सजीव रूप में इधर-उधर घूमते देखना, उनसे हाथ मिलाना, उनसे मिलना और उनके साथ फोटो खिचवाने के लिए घंटों कतार में खड़े रहना सच ही बड़ा रोमांचकारी अनुभव था
  बचपन में देखे सपने अब बुढ़ापे में कार्यान्वित होंगे, कभी सोचा ही नहीं था, उन्हें मैं तो भुला ही चुकी थी. लेकिन अपने नाति रोहित के साथ मैं भी 7 साल की कैसे बन गई, पता ही नहीं लगा. हम दोनों उन काल्पनिक चित्रों के सजीव पात्रों के पीछे पागलों की तरह भागते रहे, उन्हें देख तालियाँ बजाते रहे, नृत्य करते रहे, उनके साथ फोटो खिचवाते रहे.. साथ ही वहां की तरह तरह की डरावनी, कठिन, रोमांचकराइड्समें बैठ जोर जोर से चिल्लाते रहे...पशु-पक्षियों की नक़ल आदि कार्यों में मज़े करते रहे ...जिसका आनंद आप शब्दों से कम चित्रों से अधिक ले सकते हैं----
इन सबकी कुछ यादगार तस्वीरें आपके साथ शेयर कर रही हूँ... 😎





© मंजु महिमा 

5 टिप्‍पणियां:

  1. वाह मंजू जी, घर बैठे डिज़्नी वर्लड की सैर करवा दी।

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  2. धन्यवाद नीरजा, ब्लाग मास्टर! आपने अपनी विशेष टिप्पणी नहीं दी?

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  3. धन्यवाद नीरजा, ब्लाग मास्टर! आपने अपनी विशेष टिप्पणी नहीं दी?

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  4. 70 से 7
    शून्य की सच मुच् कोई कीमत नहीं है

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  5. 😀😀अकेले नहीं पर जब किसी के दाहिनी ओर आ जाता है तो ---? 😍वैसे आपकी बात भी ठीक है दिल तो अभी भी 7 का ही है 😜

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